विवि के नवनिवार्चित छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ की कुर्सी खतरे में ..........|

विवि के नवनिवार्चित छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़ की कुर्सी खतरे में ..........|

जयपुर || एनएसयूआई के बागी नेता रहे नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनोद जाखड जिसने दोनो प्रमुख संगठनो को पूरे चुनाव में परेशानी में ही नही रखा बल्कि दोनो संगठनो को पछाड़ कर राजस्थान विश्वविद्यालय के इतिहास के पन्नों में अपना नाम शामिल करने का काम किया | वही विनोद जाखड अब विवादो के घेरे मे घिरता नजर आ रहा है | नेशनल दुनिया न्यूज पेपर के मुताबिक विवि में राजस्थान महाविद्यालय का छात्रसंघ अध्यक्ष रहते 2015 में दर्ज एक केस को लेकर उनका पर्चा खारिज कर छात्रसंघ चुनाव रद्द करने की मांग की गई है।विवि में इस बाबत आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी को ज्ञापन देकर अध्यक्ष विनोद जाखड़ का पर्चा खारिज मानते हुए पूरा चुनाव ही रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि यह चुनाव दुबारा हो, ताकि योग्य उम्मीदवार को छात्रसंघ चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।एबीवीपी के द्वारा सोमवार को कुलपति को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि विनोद जाखड़ विवि के राजस्थान कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष थे, तब 25 जून 2015 को उनकी जगह राजेश नामक एक छात्र परीक्षा दे रहा था। विनोद जाखड़ की जगह एक अन्य छात्र राजेश के द्वारा परीक्षा देते हुए उसे पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया था। मजेदार बात यह है कि विनोद जाखड़ द्वारा छात्रसंघ चुनाव के वक्त इस बात का जिक्र अपने नामांकन पत्र में किया गया था कि वह न्यायालय द्वारा दंड़ित किया हुआ है, बावजूद विनोद जाखड़ का पर्चा ​खारिज नहीं किया गया। यही बिंदू विवि की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।जिहाजा ​इस मामले को लेकर जहां छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरीना कालिया पर उंगली उठ रही है, वहीं विवि के द्वारा पारद​र्षितापूर्वक चुनाव करवाने के दावे पर भी कई सवाल खड़े होते हैं बताया जा रहा है कि राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के संविधान के चैप्टर 4 के नियम 20 के बिंदू ई के अनुसार विनोद जाखड़ का नामांकन पत्र खारिज किया जाना चाहिए था, लेकिन विवि प्रशासन ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया, जिसके चलते एबीवीपी के उम्मीदवार राजपाल चौधरी को हार कर सामना करना पड़ा। ज्ञापन के साथ में तब विभिन्न अखबारों में छपी खबरों की कटिंग संलिप्त करते हुए कहा गया है कि 25 जून 2015 को विनोद जाखड़ के एग्जाम देने के स्थान पर दूसरे विद्यार्थी ने परीक्षा दी थी। पुलिस ने तब उसको गिरफ्तार भी किया गया था। विवि ने विनोद जाखड़ पर यूएम का केस भी बनाया था। एबीवीपी ने मांग की है कि अगले 24 घंटे में सारे मामले की जांच करवाई जाए और जांच कर विनोद जाखड़ का पर्चा खारिज मानते हुए विनोद जाखड़ को पदच्युत किया जाए। ऐसा नहीं करने पर एबीवीपी ने आंदोलन करने और विवि के ताला जड़ने की चेतावनी भी दी है।