दलित बस्ती का सप्ताह भर से रास्ता बन्द बच्चे स्कूल वंचित, मजदूर काम से वंचित

दलित बस्ती का सप्ताह भर से रास्ता बन्द बच्चे स्कूल वंचित, मजदूर काम से वंचित
 
परंपरागत रास्ते से आवागमन रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करवा कर रास्ते से आवागमन सुचारू रूप से करने की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा
परंपरागत रास्ते से आवागमन रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करवा कर रास्ते से आवागमन सुचारू रूप से करने की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में बताया गया कि शेरगढ़ के नाहर सिंह नगर में स्थित धांधू मेघवालों की ढाणी में 20 घरों की बस्ती के आवागमन का मात्र एक रास्ता नथासर के मुख्य मार्ग से होते हुए जसोड़ राजपूतों की ढाणीयों से होकर कई वर्षों से से आम रास्ता गुजरता था।
8 अक्टूबर को संतोष कुमार व उनकी पत्नी के साथ सुमेर सिंह पुत्र खेत सिंह जाति राजपूत निवासी नाहर सिंह नगर ने मारपीट कर जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए रास्ते से चलने से मना कर दिया। उसको लेकर शेरगढ़ पुलिस थाने में मामला भी दर्ज करवाया गया। लेकिन सप्ताह भर गुजर जाने के बाद भी आज तक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 
जिसके चलते आरोपी पक्ष द्वारा हमें आए दिन जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। और हमारे सदियों पुराना रास्ता जो आरोपियों के घरों से बीस में से गुजरता था। उस रास्ते पर हमें चलने नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण हम में बस्ती के लोग मजदूरी करने भी नहीं जा पा रहे हैं।
हमारे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं जिसमें हमारे बसों का भविष्य भी अंधकार में पड़ गया है हमारे बस्ती में कोई बीमार होने या प्रसव होने पर भी हमें कोई साधन उस रास्ते से नहीं गुजरने दिया जा रहा है जिसमें किसी की जान भी जा सकती हैं। हमारे विद्यालय में अध्यापक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। 
20 परिवार इस तरह गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं हमारी बस्ती में आवागमन का परंपरागत रास्ता बंद होने के कारण हमारे सुख के अधिकारों का हनन हो रहा है। उक्त आरोपियों के परिवार से हमें जान माल का पूरा पूरा खतरा है।
ज्ञापन के दौरान अणदाराम धांधू, भोमाराम, संतोष कुमार, जोगाराम, पप्पू राम, ओमाराम, रावल राम, नाराराम, सोनाराम, कुंभाराम, के साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे