यौन शोषण की बिना पहचान बताये अब ऑनलाइन होंगी शिकायत दर्ज |

यौन शोषण की बिना पहचान बताये अब ऑनलाइन होंगी शिकायत दर्ज |

ऑनलाइन यौन शोषण के पीड़ित अब अपने घर से पहचान उजागर किए बिना शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। इसके लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक वेबसाइट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन को गुरुवार को लांच किया। यह वेबसाइट चाइल्ड पोर्नोग्राफी, बाल यौन दुर्व्यवहार सामग्री और आपत्तिजनक सामग्री जिसमें बलात्कार या सामूहिक दुष्कर्म को दिखाया गया हो, उनसे संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करेगी।

 

मंत्रालय एक दूसरे पोर्टल को भी संचालित कर रही है जिसमें यौन अपराधियों का राष्ट्रीय डाटाबेस बनाया जाएगा। यौन अपराधियों रजिस्ट्री में पहले से ही 4.4 लाख लोगों की एंट्री है जो बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो, छेड़खानी आदि के आरोपी हैं। इसकी पहुंच केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए होगी। इससे उम्मीद है कि जांच एजेंसियों को सहायता मिलेगी। 

खासतौर से राज्य पुलिस को जिन्हें कि 2005 से लगातार अपने डाटा को अपडेट करने के लिए कहा जाता है। इसके जरिए वह यौन अपराधों के मामलों को जल्दी से ट्रैक कर सकेंगे। इस डाटाबेस में नाम, पता, तस्वीरें और फिंगरप्रिंट आदि विवरण होंगे। हालांकि यह आम जनता की पहुंच से दूर है जिससे कि व्यक्ति की निजता के हनन को रोका जा सके।

महिला एवं बाल साइबर अपराध निवारण पोर्टल काफी यूजर फ्रेंडली है क्योंकि इस तरह के मामलों की शिकायत करते समय शिकायतकर्ता को उसकी पहचान उजागर ना करने की इजाजत देता है। इससे पीड़ित, नागरिक समाज संगठनों और चिंतित नागरिक मामले की शिकायत कर सकते हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि पहचान उजागर होने के डर से पीड़ित मामलों की शिकायत नहीं करते हैं। अब शिकायतकर्ता आपत्तिजनक सामग्री के यूआरएल को राज्य पुलिस के पास जांच के लिए भेज सकते हैं। केवल इतना ही नहीं अपने मोबाइल नंबर के जरिए शिकायत की प्रगति पर भी नजर रख सकते हैं।